7 Humans With Unbelievable Superpowers | 7 इंसान अविश्वसनीय शक्तियों के साथ

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दुनियाभर में बहुत से लोग जादू का खेल लोगो के बीच जाकर तथा टेलीविजन के माध्यम से दिखाते है। परन्तु यह सभी खेल कोई जादू नहीं बल्कि आँखों का धोका होता है। जिसे सिखने के लिए यह सभी जादूगर कई सालो तक प्रयास करते है। परन्तु इस दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग है जिनके पास जन्म से कुछ ऐसी अविश्वसनीय शक्तियां है। जो किसी आम इंसान या जादूगर में नहीं होती। जानिये 7 इंसानों के बारे में जिनका जन्म अविश्वसनीय शक्तियों के साथ हुआ था।

 

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Humans With Unbelievable Superpowers :-

1.) भारत की राजधानी दिल्ली के करोलबाग में रहने वाले 66 साल के प्रेम सिंह गरम तेल में हाथ डालने के लिए जाने जाते है। जहाँ मात्र 70 डिग्री सेल्सियस पर ही एक आम इंसान की त्वचा एक सेकंड में जल जाती है। वहीँ प्रेम सिंह द्वारा 120 डिग्री सेल्सियस गरम तेल में हाथ डाले जाने पर भी उनकी त्वचा को कोई नुक्सान नहीं होता। इस बारे में वैज्ञानिक कहते है कि इनका हाथ आम इंसानों की तरह साधारण है। परन्तु यह कोई नहीं जानता कि उनका हाथ गरम तेल में जाने पर क्यों नहीं जलता।

प्रेम सिंह करोलबाग में अपनी पकड़ों की दूकान चलाते है। यह दूकान लगभग 60 साल पहले उनके पिता द्वारा खोली गई थी। प्रेम सिंह का कहना है कि उनके पिता भी गरम तेल में हाथ डाल कर पकोड़े निकलते थे।

 

2.) नीदरलैंड् के लिम्बर्ग में जन्मे विम होफ अत्यधिक ठंड को सहन करने की अविश्वसनीय शक्ति के लिए जाने जाते है। 58 साल के विम होफ को आइसमैन के नाम से भी जाना जाता है। विम अब तक लगभग 26 वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके है। जिसमे से एक सबसे लम्बे समय तक बर्फ में नहाने का है। साल 2007 में इन्होने सिर्फ एक निकर और जूते पहन कर हिमालय पर्वत पर भी चढ़ने का प्रयास किया था। परन्तु दुर्भाग्यवश पैर में चोट लगने के कारण यह शिखर तक नहीं पहुँच पाए थे।

विम होफ के बारे में बताया जाता है कि यह अपनी हृदय की गति और रक्त की क्षारीयता को बढ़ा सकते है। जिस कारण यह अत्यधिक ठंड को भी सहन कर पाते है। साल 2010 में विम ने जापान के टोक्यो शहर में बर्फ से भरे कांच के डब्बे में 1 घंटा 44 मिनट तक रहकर अपना ही पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोडा था।

 

3.) अमेरिका में रहने वाले डीन कर्नाज़ेस अपनी बिना रुके लगातार दौड़ने की अविश्वसनीय शक्ति के लिए जाने जाते है। जहाँ एक तरह एक आम इंसान कुछ ही किलोमीटर दौड़ने पर थक जाता है। वहीँ डीन के नाम लगातार 80 घंटो तक 560 किलोमीटर की दौड़ लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इन्होने ऐसे ही कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए तथा बहुत सी मैराथन दौड़ की प्रतियोगिताओं में विजय प्राप्त की है। साल 2002 में डीन दक्षिणी ध्रुव पर -13 डिग्री के तापमान में बिना स्कीइस के भी मैराथन दौड़ लगा चुके है।

कहा जाता है कि डीन के शरीर में थकने वाली सभी क्रियाएं होती है। परन्तु उन क्रियाओं का मांसपेशियों तक संपर्क ना पहुँचने के कारण उनकी मांसपेशियों में खिचाव अथवा थकान का कोई असर नहीं होता। जिस कारण वह लगातार बिना रुके दौड़ सकते है। साल 2006 में वह लगातार 50 दिनों तक 50 अलग-अलग राज्यों की मैराथन में दौड़े थे।

 

4.) फ्रांस के ग्रेनोबल शहर में रहने वाले मिशेल लोटिटो अपनी अविश्वसनीय पाचन शक्ति के लिए जाने जाते है। मिशेल ऐसी चीजे खा कर पचा सकते है जिसे आम इंसान के लिए खाना भी नामुमकिन है। यह अभी तक 18 साइकिलें, 7 टेलीविज़न, 15 शॉपिंग कार्ट, 6 झूमर, 2 पलंग, 1 विमान और 2 ताबूत खा चुके है। इनके शरीर में धातु, प्लास्टिक और रबड़ इत्यादि जैसे पदार्थों को पचाने की अदभुत शक्ति है।

डॉक्टरों का कहना है की इनके पेट तथा आंतो का अन्धुरनी भाग बहुत मोटी परत से बना है। इनकी आंतो और नालियों की इस ख़ास बनावट की वजह से इन्हें इन सभी चीजो को खाने तथा पचाने में कोई शारीरिक चोट नहीं लगती। इसी लिए मिशेल इन सभी चीजो को आसानी से पचा लेते है। 

 

5.) मलेशिया में रहने वाले लिऊ थो लिन अपने शरीर से निकलने वाली चुम्बकीय शक्ति के लिए जाने जाते है। यह लगभग 2 किलोग्राम तक की कोई भी लोहे की वास्तु को अपने पास खिंच सकते है। यह अपने शरीर की चुम्बकीय शक्ति से एक कार को भी खिंच चुके है। लिऊ अभी तक मलेशिया के बहुत से कल्याणकारी आयोजनों में अपनी इस अदभुत शक्तिका प्रदर्शन दिखा चुके है। इसी शक्ति के लिए यह अधिकतर मैग्नेटिक मैन के नाम से भी जाने जाते है।

मलेशिया के वैज्ञानिको द्वारा लिऊ के शरीर में किसी भी प्रकार की कोई चुम्बकीय क्षेत्र तो नहीं मिला। परन्तु उन्होंने लिऊ की त्वचा को घर्षण के बहुत उच्च स्तर को दर्शाने का दावा किया था। उनका कहना था कि लिऊ अपनी त्वचा के घर्षण के कारण ही लोहे की चीजो को अपने पास खींच पाते है।

 

6.) भारत के कर्नाटका में रहने वाले ज्योति राजू बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के सीधी दीवारों तथा पहाड़ो पर चढ़ने के लिए जाने जाते है। जहाँ एक तरफ पेशेवर पर्वतारोहीयों को किसी पहाड़ पर चढ़ने के लिए हेलमेट, हुक तथा रस्सियों जैसे कई उपकरणों की आवश्यकता होती है। वहीँ ज्योति राजू बिना किसी उपकरण का प्रयोग किये पहाड़ो तथा सीधी दीवारों पर चढ़ जाते है। ज्योति को अधिकतर लोग मंकी मैन के नाम से भी जानते है।

ज्योति कर्नाटका में स्थित भारत के दुसरे सबसे बड़े 830 फुट ऊँचे झरने जोग फाल्स पर भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के चढ़ चुके है। और अब ज्योति दुनिया की सबसे ऊँची इमारत बुर्ज खलीफा पर चढ़ना चाहते है।

 

7.) मलेशिया में रहने वाले राधाक्रिशानन वेलु अपने दांतों की मजूबती के लिए जाने जाते है। इनके दांतों की मजबूती किसी अविश्वसनीय शक्ति से कम नहीं है। इन्होने अपने दांतों से रेल खींचने के कई रिकॉर्ड बनाए है। 18 अक्टूबर 2003 को इन्होने अपने दांतों द्वारा 260 टन भरी रेल को 13.9 फुट दूर खींचने का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।

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