12 Most Interesting Facts About Mangalyaan In Hindi | मंगलयान से जुड़े 12 दिलचस्प तथ्य

जैसा कि सभी जानते है साल 2014 में भारत मंगल ग्रह पर जाने वाला एशिया का सबसे पहला देश बना था। परन्तु बहुत से लोगो को इस मिशन के बारे में कुछ ख़ास जानकारी नहीं है। जानिए मंगलयान से जुड़े 12 दिलचस्प तथ्य।

 

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Interesting Facts About Mangalyaan :- 

1.) भारत द्वारा मंगलयान को 24 सितम्बर 2014 के दिन ही पहुँचाना जरुरी था। अगर ऐसा नहीं होता तो अगले मिशन के लिए उनेह लगभग 26 महीने इंतज़ार करना पड़ता।

 

2.) मंगल ग्रह की यात्रा के दोरान एक ऐसा समय भी आया था जब मंगलयान मंगल ग्रह के पीछे चला गया था। जिस कारण वह पृथ्वी से नहीं देखा जा सकता था और साथ ही उसका भारत से संपर्क टूट सकता था।

 

3.) कहा जाता है कि मंगलयान की रफ़्तार इतनी तेज थी कि पृथ्वी पर यह मात्र 9 मिनट में नई दिल्ली से न्यू यौर्क पहुँच सकता है।

 

4.) मंगल ग्रह पर जाने वाला यह मंगलयान बंगलोर में बनाया तथा मोनिटर किया गया और श्रीहरिकोटा से 5 नवम्बर 2013 को लौंच किया गया था।

 

5.) मंगलयान के इस ख़ास मिशन में भारत के चार जानेमाने वैज्ञानिकों (के राधाकृष्णन, एस अरुणन, ऐ एस किरण कुमार और ऍम अन्नादुरै) ने मुख्य किरदार निभाया था।

 

6.) मंगलयान को अक्टूबर 2013 के अंतिम दिनों में लौंच किया जाना था। जिसके लिए मंगलयान से संपर्क बनाए रखने के लिए दुनिया के कई देशों में एंटीना लगाए जिसमे से 2 एंटीना प्रशांत महासागर में जहाजो के जरिये भेजे गए थे। परन्तु मोसम की खराबी के कारण एक जहाज समय पर अपनी जगह पर नहीं पहुँच सका था। जिस कारण इसे 5 नवम्बर 2013 को लौंच किया गया।

 

7.) मंगलयान की यात्रा के दोरान अमेरिका द्वारा भी मंगल ग्रह पर एक राकेट भेजा गया था। जिसमे भारतीय मंगलयान को बनाने में 7 करोड़ 40 लाख डॉलर और अमेरिकी राकेट में 67 करोड़ डॉलर खर्च किए गए थे।

 

8.) मंगलयान आकार में एक ऑटो रिक्शा जितना बड़ा पर उससे तीन गुना ज्यादा भरी था।

 

9.) मंगलयान संपर्क बनाए रखने के लिए मुख्य एंटीना बंगलोर में लगाया गया था जिसे मंगलयान तक कोई भी संदेश पहुँचाने में लगभग 8 से 45 मिनट का समय लगता था।

 

10) मंगल ग्रह की यात्रा के दोरान मंगलयान के पृथ्वी से दूर जाने पर 9 महीने तक उसका इंजिन बंद रहा था। इस लिए उसे मंगल ग्रह पर पहुँचने से दो दिन पहले अंतरिक्ष में चालू कर के देखा गया था जिसमे वह सफल रहा।

 

11.) अमेरिका के नासा द्वारा मंगल ग्रह पर भेजा गया राकेट भारतीय मंगल यान से पहले मंगल ग्रह पर पहुंचा था।

 

12.) 24 सितम्बर 2014 के दिन भारतीय प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी भी मंगलयान का सीधा प्रसारण देखने बंगलोर के मिशन नियंत्रण कक्ष में पहुंचे थे।

 

CREDIT OF FEATURED IMAGE : NASA/Goddard Space Flight Center on Wikimedia

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